मधुर नेगी

प्रतिकूल परिस्थियों में यदि मनुष्य साहस से कम ले तो उसकी विजय अवश्य संभव है ! साहस के कारण ही किसी भी जंग को जीता जा सकता है ! ऐसा ही साहस दिखाया इस 6 वर्षीय बालक मधुर नेगी ने जब उनका वाहन हिमाचल प्रदेश के नारकंडा के समीप सरानाला के पास दुर्घटना ग्रस्त हो गया ! घनघोर जंगल गहरी काली रात और ऊपर से बारिश व हाड़ कंपा देने वाली सर्दी में दो नन्हे हाथ साहयता के लिए उठे हुए ! ऐसे में एक गाड़ी आ कर रुकी सभी बच्चे की हिमंत पर हैरान , 6 वर्षीय खून से लथपथ नन्हे मधुर नेगी ने गुहार लगाई, मेरे पापा की गाड़ी नीचे गिर गई है उन्हें बचा लो ! सुनने वाले सकते में आ गए और फिर हुआ बचाव का काम !एक मासूम ने अपने पिता को मौत से बचा लिया !


यह घटना पिछले सप्ताह की है जब एक वाहन हिमाचल प्रदेश के नारकंडा बाघी मार्ग पर सरानाला के समीप दुर्घटना में तीन पुश्तों दादी, बहु और पोता का जीवन खामोश हो गया ! मधुर नेगी अपने पिता किशन नेगी, माता नीरज ,दादी शिव दासी और अपने बड़े भाई के साथ नारकंडा से बाघी की ओर जा रहे थे की बारिश और गहरी धुंध के करण उनकी कार सरानाला में दुर्घटना ग्रस्त हो गई !

मधुर नेगी गाड़ी का शीशा टूटने से छिटक कर करीब 50 फूट निचे जा गिरा जबकि अन्य चार लोग गहरी खाई में समां गए! चोटिल होने के बावजूद मधुर ने हिमंत नहीं हारी और रात के लगभग साढ़े आठ बजे अँधेरे, कोहरे , तथा ठण्ड की परवाह किये बिना ही झाड़ियों से उलझते हुए मुख्य मार्ग पर आ कर सहयता के लिए पुकारने लगा तभी नारकंडा की ओर से आ रही गाड़ी में सवार लोगो ने बच्चे को साथ ले कर पुलिस और गाँव के लोगों को इस दुर्घटना की सूचना दी ! मधुर नेगी की इस बहादुरी के कारण ही बचाव कार्य जल्दी शुरू हो पाया ! मधुर के पापा किशन नेगी हिमाचल शिक्षा विभाग में कार्यरत है जबकि माता भी शिक्षा विभाग में ही कार्यरत थी ! मधुर के मामा सेन्य सेवा में कार्यरत है !मधुर नेगी के इस अद्मय साहस को सलाम !

भ्रतरी हरी शतक

यदि करील के वृक्ष में पता नहीं लगता तो इसमें बसंत का क्या दोष ? यदि उल्लू दिन में देख नहीं पता तो इसमें सूर्य का क्या दोष ? इसी प्रकार यदि पपीहे के मुख में वर्षा कि जलधारा नहीं गिरती तो इसमें बादल का क्या दोष ? ब्रह्मा ने जन्म के समय जिसके ललाट में जो लिख दिया उसे मिटने में कौन समर्थ है ?

सलमान महमूद

कल दैनिक भास्कर में एक समाचार पढ़ा !
  ब्लॉग बनाकर थेलेसिमिया रोग के बारे में जागरूक करने वाले २३ साल के सलमान महमूद का लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया वेब डिवेलपर सलमान कराची में रहता था ! उन्होंने थेलेसिमिया रोग के साथ साथ अन्य लाइलाज बिमारियों के बारे में लोगो को जागरूक किया !


समाचार पढ़ने के बाद आज नेट पर बेठा और सलमान के बारे में जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की ! इस कोशिश में पाया की सलमान ने थेलेसिमिया के बारे में लोगों को  जागरूक किया ! सभी ब्लॉग पर सलमान के काम का उलेख कर  श्रधान्जली दी गई थी !
सच अच्छा काम करने वाले इस दुनिया से कहीं दूर चले जाते है !

पानी की एक बूंद

हमारे नलों की टोंटी से पानी टपकाना एक आम बात है ! लेकिन क्या आप अंदाजा लगा सकते है की नलों से टपकने वाली बूंदों से कितना पानी बरबाद हो जाता है ? एक
अनुमान के मुताबिक   लगभग बीस हज़ार लीटर से भी  ज्यादा पानी नलों के टपकने से प्रति वर्ष बरबाद हो जाता है ! जल बहुमूल्य है पानी के हर एक बूंद की कीमत समझाना हम सभी का कर्तव्य है !

ब्लॉग की साज सज्जा का काम चल रहा है

ब्लॉग की साज सज्जा का काम चल रहा है