झूला झूलने का अपना एक रोमांच होता है ! हर कोई इसे अनुभव करना चाहता है! लेकिन 2007 में न्यूयार्क अमेरिका के रिचर्ड रोद्रिगुएज ने जिस तरह इस रोमांच को अनुभव किया उसे कोई और अनुभव नहीं करना चाहेगा ! इस 48 वर्षीय रोलर कोस्टर ने 17 दिनों तक एक बड़े झूले पर बिताएं ! उन्होंने यह कारनामा उत्तरी इंग्लेंड के ब्लेकपुल पलैजर बीच पर कर दिखाया था ! वह प्रत्येक एक घंट बाद 5 मिनट का विराम लेता था ! रोलर कोस्टर पर ही खाते पिटे और सोते थे ! इस तरह रिचर्ड ने 8 हज़ार चकर पुरे किये जो 10 हज़ार 1 सौ 40 किलोमीटर बनता था ! ये दुरी ब्लेकपुल से उसके गृह नगर की दुरी के बराबर थी !
न्यू जर्सी के समुद्र तट के पास १९६९एक बोतल में कागज़ पर कुछ लिख कर फैंका गया ! इसे ३९बाद लगभग चार्ट सौ मील दूर कोरोल्ला में खोजा गया ! थाईलैंड में पाए जाने वाले ड्रेगन मिलिपीद के शारीर का रंग गहरा गुलाबी होता है और इसके शारीर की ग्रंथियां साइनाइड ज़हर बनती है ! म्यांमार की टिम्बर कारखानों में हजारों हाथी काम करते हैं !
शीर्षक से कुछ अजीब लगता है परन्तु यह सत्य है की केले से लिए अब वश्त्र बनाये जा रहे है ! तमिलनाडु के बुनकर ने केले के तनों के रेशों से सदी बनाने में सफलता प्राप्त की है ! तमिलनाडु की राजधानी चेनईसे लगभग पचास किलोमीटर दूर अनंतपुर गाँव के सी शेखर ने केले के रेशों से कपड़ा बनाने की तकनीक डुंडी है शेखर को यह प्रेरणा फिलिपिन्स के बुनकरों से मिली जो इसी प्रकार कपड़ा तैयार कतरे है ! केले के रेशे से तैयार साड़ी हलकी और चमकदार तो होती है साथ ही भीनी भीनी खुशवू भी मिलाती है ! अब शेखर ने अलोवेरा पर यही प्रयोग करने की निर्णय किया है १ शेखर जुट गन्ना अनन्नास अलसी जेसी वनस्पतिओं से रेशे तैयार कर चुके है ! इस समय सी शेखर पच्चीस प्राकृतिक रेशों की सहायता से साड़ी तैयार कर रहे है !
धारणा है की सरसों का तेल सबसे अच्छा खाद्य तेल है लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार सरसों का शुद्ध तेल भी हमारे शरीर की जरुरी तत्वों की पूर्ति नहीं करता ! हर खाद्य तेल में कुछ न कुछ कमी है ! वस्तुत तेलों को बदल बदल कर प्रयोग में लाना ही श्रेयकर है !
